कल कुरुक्षेत्र में मेरा क्लर्क का इग्जाम था . वैसे ये
टेस्ट मैंने उस वक्त भरा था जब में स्नातक नही हुआ था .
कुरुक्षेत्र विशवविद्यालय ने एक कीर्तिमान जरुर बनाया की
जो इग्जाम पहले हो चुके थे और किसी कारणवश उनमे
रुकावट आ गई थी, को उन्ही पैसो में दोबारा
लिया गया वो भी दो तीन साल बाद .
कम से कम बेरोजगारो पे दोबारा फार्म भरने की मार
तो नही पड़ी .
लोग सामान्य की तरह बातें करते नजर आये . कोई कह
रहा था कि जिनको लगना हैं वो तो सी.ऍम. साहब की
सिफारिश से ही लगेंगे. जितने मुह उतनी बातें.
कुछ बोल रहे थे की इनमे तो वो लगेंगे जो रोहतक के होंगे .
कुछ भी कहो पूरा दिन कैसे बीत गया पता ही नही चला.
बस कुछ अजीब सी बातें जरुर हुई और उनमे से
एक को मैं शेयर करना चाहूँगा .
हुआ यू की एक लड़का अपने पिताजी की जगह पे इग्जाम
देने आया हुआ था तो वो विशवविद्यालय के कर्मचारियों के हत्थे चढ गया.
लड़के ने कहा की उसकी इच्छा थी की उसका पिताजी ये जॉब करे .
उसके पिताजी ईराक में हैं इस वक्त .
विस्त्रीत खबर भी पढ़ लीजिए आप.
(सोजन्य से पंजाब केसरी, हरियाणा )
खबर एक नजर में नीचे :-




